गोंडा:किसानअपनीआमदनीबढ़ानेलिएखेतीकेसाथहीपशुपालनभीकरतेहैं।दूधबेचकरअपनाखर्चाचलातेहैं,जबकिपशुकेरूपमेंउनकीपूंजीभीबनीरहतीहै।यदिदूधकाउचितमूल्यघरबैठेमिलेऔरआपूर्तिभीहोजाए,तोकिसानोंकोकाफीराहतमिलतीहै।ऐसेमेंकिसानोंकोबाजारसेजोड़नेमेंदुग्धसमितियोंकीभूमिकाअहमहोजातीहै।देवीपाटनमंडलमेंकरीब400समितियांहैं।इसकेबावजूदकाफीसंख्यामेंदुग्धसंघवसमितियांकाफीसमयसेनिष्क्रियचलरहींहैं।दुग्धविकासविभागनेबंदहोचुकीसमितियोंकोफिरसेसंचालितकरनेकाफैसलाकियाहै।गोंडासमेतअन्यजिलोंमें99बंदसमितियोंकोचालूकियाजाएगा।इसकेअलावा62नईसमितिभीगठितकीजाएगी।

जिलेमेंपशुपालनकीस्थिति

देवीपाटनमंडलमेंबनेगीचारनईसमिति:-देवीपाटनमंडलमेंचारनईदुग्धसमितियांबनाईजाएंगी।इसकेतहतगोंडामेंदो,बहराइचवश्रावस्तीजिलेमेंएक-एकलक्ष्यकानिर्धारितकियागयाहै।वहीं,पांचबंदपड़ीपुरानीसमितियांफिरसेसंचालितकीजाएंगी।इसमेंगोंडाकीदो,बलरामपुर,बहराइचवश्रावस्तीकीएक-एकसमितिशामिलहैं।

19.04करोड़रुपयेजारी

-दुग्धसंघ/दुग्धसमितियोंकोपुनर्जीवितकरनेकेलिएकवायदतेजहोगईहै।दुग्धविकासविभागनेजिलायोजनाकेतहतवित्तीयवर्ष2020-21केलिए19.04करोड़रुपयेस्वीकृतकिएहैं।विशेषसचिवरविशंकरगुप्तानेजिलेवारस्वीकृतिकेसापेक्षबजटजारीकरदियाहै।उन्होंनेदुग्धशालाविकासअधिकारियोंकोआवंटितबजटकेसापेक्षआवश्यककार्यवाहीकेभीनिर्देशदिएहैं।

By Dyer