बलरामपुर:सीतापुरजनपदमेंकुत्तोंकेनोंचनेसेबच्चोंकीमौतकेबादभीजिलाप्रशासनकीनींदटूटनेकानामनहींलेरहीहै।नगरकेगली-मुहल्लों,अस्पतालपरिसरवस्कूलोंकेपासघूमनेवालेआवाराकुत्तोंपरअफसरोंकीनजरनहींपड़रहीहै।यहांतककिसरकारीकार्यालयभीकुत्तोंकाबसेराबनचुकेहैं।मांसखानेसेकुत्तोंमें¨हसकप्रवृत्तिबढ़ीहै।जिससेवहलोगोंपरहमलावरहोरहेहैं।आलमयहहैकिबच्चोंवबुजुर्गोंकाराहचलनादूभरहै।कुत्तेइन्हेंआसानीसेअपनाशिकारबनालेतेहैं।इसगंभीरसमस्याकेप्रतिप्रशासनपूरीतरहसंवेदनहीनबनाहुआहै।

जिलेमेंसड़कोंवगलियोंमेंघूमरहेआवाराकुत्तोंसेबचावकेलिएअबतककोईइंतजामनहींकियाजासकाहै।अस्पतालोंमेंएंटीरैबीजवैक्सीनहोनेकादावाकरभलेहीस्वास्थ्यमहकमाकरअपनीजिम्मेदारियोंकीतालठोंकरहाहै,लेकिनयहनौबतआनेसेरोकनेकेलिएकोईकदमनहींउठायाजारहाहै।आंकड़ोंकीमानेतोप्रतिमाह700सेअधिकलोगकुत्तोंकाशिकारहोरहेहैं।कईबारकुत्तोंकेकाटनेसेलोगोंकोजानभीगवांनीपड़तीहै।बावजूदइसकेअधिकांशग्रामीणअस्पतालोंमेंएआरवीकाटोटाबनारहताहै।यहांघूमतेहैंकुत्ते

सड़कवगलियोंकेअलावास्कूलोंवअस्पतालोंमेंभीआवाराकुत्तोंकाजमावड़ारहताहै।जिससेबच्चोंवमरीजोंकोखतराबनारहताहै।संयुक्तजिलाचिकित्सालय,मेमोरियलअस्पतालसमेतग्रामीणअस्पतालोंमेंकुत्तेघूमतेरहतेहैं।सरकारीकार्यालयोंमेंभीआवाराकुत्तोंकोविचरणकरतेदेखाजासकताहै।जोकर्मचारियोंवफरियादियोंकेलिएबवालेजानबनेरहतेहैं।बावजूदइसकेप्रशासनकोईकार्रवाईनहींकररहाहै।मांसखानेसेखूंखारहोरहेकुत्ते

सड़कपरघूमनेवालेकुत्तेजबमांसचखलेतेहैंऔरउन्हेंमांसखानेकोनहींमिलताहैतोवहखूंखारहोजातेहैं।अस्पतालोंमेंप्रसवकेदौराननिकलनेवालेपेसेंटाकोबाहरखुलेमेंफेंकदियाजाताहै।जिसेकुत्तेखालेतेहैं।जिससेउनमेंआक्रामकताबढ़रहीहै।पेसेंटाकोगड्ढेमेंदबाकरनष्टकरनेकेनिर्देशदिएगएहैं।

डॉ.जयंतकुमार,अपरसीएमओ

By Farmer