ऊर्जासंरक्षणकेलिएदिल्लीमेट्रोद्वाराउठाएगएकदमसराहनीयहैं।इसतरहकेप्रयासअन्यविभागोंकोभीकरनेचाहिए,जिससेकिबिजलीकीखपतकमकीजासके।यहबहुतजरूरीहै,क्योंकिपिछलेकुछवर्षोंमेंदिल्लीमेंबिजलीकीमांगतेजीसेबढ़ीहै।इसवर्षअधिकतममांग6500मेगावाटसेभीज्यादापहुंचगईहै।यहीहालरहातोअगलेकुछवर्षोंमेंमांगआठहजारमेगावाटतकपहुंचसकतीहै,जिसेपूरीकरनाबड़ीचुनौतीहै।इसेध्यानमेंरखतेहुएदिल्लीमेट्रोनेबिजलीकीखपतकमकरनेकीदिशामेंकामकरनाशुरूकरदियाहै।ऊर्जासंरक्षणकेलिएमेट्रोतकनीककाभीसहारालेरहाहै।इससेमेट्रोकेपरिचालनमेंबिजलीकीखपतमेंलगभग40फीसदकीकमीआईहै।मेट्रोकेपहलेफेजमेंट्रेनोंकेपरिचालनमें68वाटऑवरप्रतिटनप्रतिकिलोमीटरबिजलीकीखपतथी,जोकितीसरेफेजमेंघटकर42वाटरहजाएगी।इसीतरहमेट्रोमेंसौरऊर्जाकेप्रयोगकोभीबढ़ावादियाजारहाहै।इससमयमेट्रोद्वारा20मेगावाटसौरऊर्जाकाउत्पादनकियाजारहाहै।अगलेदो-तीनवर्षोंमेंइसेबढ़ाकर50मेगावाटकरनेकालक्ष्यहै।फेजतीनकेप्रत्येकमेट्रोस्टेशनकोऊर्जासंरक्षणकेलिएप्लेटिनमरेटिंगदीजाएगी।मेट्रोकीतर्जपरहीरेलवे,दिल्लीपरिवहननिगमसहितअन्यविभागोंकोभीऊर्जासंरक्षणकेलिएतकनीककोबढ़ावादेनाचाहिए।रेलवेस्टेशनों,बसडिपो,बसअड्डेवबसस्टॉपपरसोलरपैनललगाएजानेचाहिए।इससेबिजलीखर्चमेंकमीआएगीऔरपर्यावरणसंरक्षणकोभीबढ़ावामिलेगा।स्कूलों,अस्पतालों,कार्यालयोंवआवासीयपरिसरोंमेंभीसौरऊर्जाकोबढ़ावादेनेकीजरूरतहै।लोगोंकोजागरूककरनेकेसाथहीउन्हेंकमकीमतमेंसोलरपैनलवअन्यउपकरणउपलब्धकराएजाएं।जनताऔरस्वयंसेवीसंस्थाओंकोभीयोगदानदेनाचाहिए।हमेंयहध्यानरखनाहोगाकीसभीकेसामूहिकप्रयाससेदिल्लीमेंबढ़रहीबिजलीकीमांगकोकाबूमेंरखनेकेसाथपर्यावरणकोस्वच्छरखनेमेंमददमिलेगी।

[स्थानीयसंपादकीय:दिल्ली]