अयोध्या:रामलीलायुगोंसेप्रवाहमानहै,परहरप्रस्तुतिदर्शकोंकोअनुभवकेनयेआकाशकाएहसासकरातीहै।कुछप्रसंगउन्हेंआह्लादितकरतेहैंऔरकुछसेप्रेरितहोवेजीवनकीदिशाप्रशस्तकरतेहैं।यदिसशक्तनिर्देशनहो,प्रसंगोंकोजीवंतकरनेवालेकलाकारहोंऔरत्रेतायुगीन²श्योंकोसाकारकरनेवालीसज्जाहो,तोरामलीलाकायहवैशिष्ट्यऔरभीप्रभावीहोजाताहै।विश्वासनहो,तोपुण्यसलिलासरयूकेतटपरस्थितशीर्षपीठलक्ष्मणकिलापरिसरमेंसितारोंसेसज्जितरामलीलाकीप्रस्तुतिदेखिए।मंचपरसीताकीखोजमेंकिष्किधापर्वतकीओरबढ़तेश्रीरामऔरलक्ष्मणनजरआतेहैं।श्रीरामकीगरिमाकेअनुरूपसोनूडागरमुश्किलघड़ीमेंभीधीर-गंभीरनजरआतेहैं,तोकिचितउद्विग्नऔरआवेशितलवकेशधालीवाललक्ष्मणकीछविसेन्यायकरतेप्रतीतहोतेहैं।अगलेपलउनकेसम्मुखहनुमानजीप्रस्तुतहोतेहैं।बिदुदारासिंहहनुमानजीकेकिरदारकेअनुरूपबलिष्ठताकेसाथसौम्यतासेसमाविष्टनजरआतेहैंऔरदोनोंराजकुमारोंसेइसतरहवनमेंविचरणकरनेकाकारणजाननाचाहतेहैं।यद्यपिश्रीरामसेहनुमानकायहप्रथममिलनहै,परउनकेबीचवार्तालापमेंइतनीआत्मीयताछलकतीहै,जैसेवेयुगोंपुरानेरिश्तेसेबंधेहों।हनुमानजीदोनोंराजकुमारोंकेबारेमेंसुग्रीवकोबतातेहैंऔरइसीकेसाथराम-सुग्रीवकीमित्रताकाप्रसंगनिरूपितहोताहै।राज्यसेवंचितऔरभयसेकातरसुग्रीवकोदेखनाअभिनयकेकिसीअध्यायकाअनुशीलनप्रतीतहोताहै।अगला²श्यदर्शकोंकोरोमांचसेसराबोरकरताहै।श्रीरामकेबलपरसुग्रीवबालिकोयुद्धकेलिएललकारताहै,तोबल-विक्रमकापर्यायबनकरसामनेआयाबालिपूरेवेगऔरमदसेसुग्रीवकीललकारपरआगेबढ़ताहै।शुरुआतीभिड़ंतअपेक्षाकेअनुरूपहोतीहैऔरपिटासुग्रीवभागताहुआश्रीरामकेपासआताहै।श्रीरामबतातेहैंकियुद्धकेदौरानसुग्रीवऔरबालिमेंभेदकरनाकठिनथा,दोनोंएकजैसेहीनजरआरहेथे।ऐसेमेंवेकिसपरप्रहारकरें,यहतयनहींकरपारहेथेऔरपहचानस्पष्टकरनेकेहीलिएश्रीरामसुग्रीवकोमणियोंकाहारपहनातेहैं,जोजल्दीहीउसकीविजयसुनिश्चितकरानेवालाहोताहै।सुग्रीवपुन:मैदानमेंआतेहैंऔरबालिकोयुद्धकेलिएचुनौतीदेतेहैं।बालियुद्धरतहोताहैऔरअगलेपलश्रीरामकेबाणसेघायलहोवहमृत्युकीतैयारीकररहाहोताहै।यद्यपिश्रीरामबालिकेभीप्रतिकरुणायुक्तहैंऔरबालिभीश्रीरामकेप्रतिसम्मानप्रकटकरताहै।श्रीरामसेतात्विकऔरआत्मीयसंवादकेबीचनिष्प्राणहोतेबालिकेसाथदर्शकोंकीआंखेंनमहोतीहैं।अगले²श्यमेंसुग्रीवकाराज्याभिषेकहोरहाहोताहैऔरअंगदयुवराजकेरूपमेंअभिषिक्तहोरहेहोतेहैं।युवराजकीभूमिकामेंजाने-मानेगायकएवंसांसदमनोजतिवारीअपनेमंजेअभिनयकीअनुभूतिकरातेहैं।प्रसंगविस्तारकेसाथमातासीताकीखोजआगेबढ़तीहैऔरवह²श्यउपस्थितहोताहै,जबहनुमानजीसमुद्रपारकरलंकापहुंचतेहैंऔरमातासीतासेभेंटकरनेकेपूर्वलंकिनीएवंविभीषणसेभेंटकरतेहैं।विभीषणकीभूमिकामेंछोटेपर्देकेबड़ेअभिनेताराकेशबेदीजानडालरहेहोतेहैं।अगला²श्यअभिनेताओंकीपरीक्षालेनेवालाहोताहैऔरइसपरीक्षामेंवेकामयाबहोतेहैं।रावणकीभूमिकामेंशाहबाजखानराजसीठसकऔरदंभसेआगेबढ़ताहुआअशोकवाटिकामेंशोकाकुलसीताकेसम्मुखपहुंचताहैऔरअपनाप्रस्तावस्वीकारकरनेकेलिएसीतापरदबावबनाताहै।रावणकेसामनेअसहायकितुपतिव्रतधर्मसेपरिपूर्णसीताकीभूमिकामेंकविताजोशीपहलीनजरमेंहीआदरकीपात्रनजरआतीहैं।रावणकेलौटतेहीसीताकेसम्मुखहनुमानजीप्रकटहोतेहैं।रामदूतकेरूपमेंपूरीविनम्रतासेमातासीताकोधीरजबंधातेहैं,तोअगलेपलवेरौद्ररूपधारणकररावणकीवाटिकाकोक्षतिपहुंचातेहैंतथारोकनेआयेरावणकेपुत्रअक्षयकुमारकावधकरतेहैं।अगला²श्यरावणकेदरबारकाहोताहै।राजधर्मकीमर्यादाकेविपरीतरावणहनुमानजीसेदु‌र्व्यवहारकरताहै।विभीषणउसेरोकनेकाप्रयासकरतेहैं,पररावणनहींसुनताऔरहनुमानजीकीपूंछमेंआगलगानेकाउसकादांवउल्टापड़ताहै,जबपूंछमेंलगीआगसेहनुमानजीपूरीलंकाकोआगकेहवालेकरदेतेहैं।कुंभकर्णकीभूमिकासेपहलेकियारामललाकादर्शन

-दिल्लीकेवरिष्ठभाजपानेतामुखियागुर्जरकुंभकर्णकीभूमिकानिभानेकेलिएगुरुवारकोहीरामनगरीपहुंचे।उन्होंनेआतेहीरामललाकादर्शनकियाऔरबजरंगबलीकीप्रधानतमपीठहनुमानगढ़ीपहुंचकरदर्शन-पूजनकिया।यूंतोदिल्लीकीरामलीलामेंतीनदशकसेकुंभकर्णकीभूमिकानिभातेहैं,पररामनगरीमेंरामलीलाकापात्रबननेकोलेकरउनकेउत्साहकीसीमानहींहै।उन्होंनेनिर्देशकप्रवेशकुमारकेमार्गदर्शनमेंरिहर्सलभीकिया।मुखियाकेपुत्रपरविदररामलीलामेंशत्रुघ्नकीभूमिकाकररहेहैं।

By Elliott