सुपौल[राजेशकुमार]।ठंडदेशोंमेंजबपानीजमनेकीशुरुआतहोनेलगतीहैउससेपहलेपानीमेंरहनेवालेपक्षीलंबीयात्रापरनिकलपड़तेहैं।हजारोंकिलोमीटरकीयात्राकरयेवैसीजगहोंपरपहुंचतेहैंजहांइनकेरहनेवखानेकाइंतजामहो।इसीक्रममेंकोसीकेसीपेजवालेइलाकेसहितजलजमाववालेक्षेत्रोंयेअपनाआशियानाबनातेहैं।मार्चकेबादजबमौसमगर्महोनेलगताहैतोयेपुन:वापसलौटतेहैं।इसप्रवासकेदौरानजहांयेअपनावंशवृद्धिकरतेहैंवहींशिकारियोंकेहाथोंमारेभीजातेहैं।अबकोसीकेकछारपरयेविदेशीमेहमानआएंगे।

कोसीपरकामकरनेवालेकोसीकंसोर्टियमकेभगवानजीपाठकबतातेहैंकिकोसीकेइलाकेमेंयेपक्षीउत्तरीएशिया,रूस,पूर्वीसाइबेरियाआदिस्थानोंसेयहांआतेहैं।इनप्रवासीपक्षियोंमेंसाइबेरियनक्रेन,ग्रेटरफ्लेक्षिंमगो,ब्लैकविंग्टस्टिल्ट,कॉमनग्रीनशैंक,नॉर्दर्नपिनटेल,रोजीपेलिकन,गडवाल,वूडसैंडपाइपर,स्पॉटेडसैंडपाइपर,अधंगा,लालसर,कारनआदिप्रमुखहैं।ठंडप्रदेशोंमेंजाड़ेकेदिनोंमेंपानीजमनेलगताहैतोइनकेरहनेऔरभोजनकीसमस्याहोनेलगतीहै।ऐसेमेंअन्यदेशोंकारुखकरतेहैं।जाड़ाजबखत्महोनेलगताहैतोयेवापसजानाशुरूकरदेेतेहैं।

दरअसलकोसीकेइलाकेमेंपानीकीकमीनहींहैइसलिएइनपक्षियोंकोयहइलाकाभाताहै।हरसालजाड़ेकीशुरुआतमेंइनकाआनाशुरूहोताहै।कोसीकेइलाकेमेंसामा-चकेवापर्वजोकार्तिकपूर्णिमाकोमनायाजाताहैउसेइनकेआगमनकेसमयकीशुरुआतमानाजाताहै।इनपक्षियोंकेमांसकीमांगकाफीरहतीहै।इसलिएप्रवासकेदौरानशिकारीइनकीशिकारभीकरतेहैं।प्रतिबंधितहोनेकेकारणचोरी-छिपेइनकाशिकारजारीरहताहै।शिकारियोंकोइसकेमांसकेशौकीनलोगोंकीजानकारीरहतीहैऔरवेउनतकइसेपहुंचादेतेहैं।इससेउन्हेंअच्छीआमदनीहोजातीहै।

By Edwards