गांधीजयंतीकेसाथहीएकबारफिरपूरेदेशभरकीतरहपंजाबमेंभीस्वच्छताअभियानआरंभहोगएहैं।पिछलेतीनसालसेदेशमेंस्वच्छताकीजोअलखवललकजगीहैवहकाबिल-ए-तारीफहैलेकिनअबभीइसदिशामेंमीलोंसफरतयकरनाहै।अभीतोहमनेदोकदमहीरखेहैं।विभिन्नसंस्थाएं,स्वयंसेवीसंगठन,सरकारीविभागऔरनिजीसंस्थानभीअपने-अपनेस्तरपरसफाईअभियानचलातेरहेहैं।प्रधानमंत्रीकेआह्वानपरदेशकेबच्चोंसेलेकरबूढ़ोंतकसभीमेंजागरूकताकासंचारहुआहै।यहभीकिअपनेघर,कार्यस्थलसेलेकरगली,मोहल्लेवशहरमेंसफाईकाजिम्माकेवलसरकारीविभागोंयास्थानीयनिकायोंकानहींहै,बल्किहरेकनागरिककाहै।जहांतकपंजाबकीबातहैतोअभीलुधियाना,जालंधर,अमृतसरजैसेबड़ेशहरोंमेंहीकूड़ानिस्तारणकीमाकूलव्यवस्थानहींहै।घरोंसेकूड़ाउठानेवालेचिन्हितडंपोंकेअलावाउनकेइर्दगिर्दवहरकहींभीकूड़ाफेंकदेतेहैं।वहांसेस्थानीयनिकायकेसंबंधितविभाग,कर्मचारीउसेसमयपरनहींउठातेजिससेपूरेइलाकेगंदगीकेअटेरहतेहैं।इससेनकेवलशहरकीसूरतपरदागलगतेहैंबल्किबीमारियांफैलनेकीआशंकाभीसदैवबनीरहतीहै।ऐसानहींहैकिइसदिशामेंकुछहुआहीनहीं।कुछयोजनाएंसियासीकारणोंयासहीसंरचनानहोनेकेकारणसिरेनहींचढ़पातीहैं।इसकाउदाहरणकुछसमयपहलेजालंधरमेंशुरूहुईवहयोजनाहैजिसकेतहतकुछेकमोहल्लोंमेंदोतरहकेकूड़ेदानरखेजानेथे।येनकेनप्रकारेणवहयोजनालागूहोनेसेपहलेहीठप्पहोगई।इसलिएजहांआमनागरिककोजागरूकहोनेकीजरूरतहैवहीं,स्थानीयनिकायोंवप्रशासनवसरकारकोचाहिएकिकूड़ानिस्तारणकीठोसवप्रभावीयोजनाएंबनाईजाएं।उनकेलिएपर्याप्तधनकीउपलब्धतासुनिश्चितकीजाए।तभीशहरोंवकस्बोंकोकूड़ेकीसमस्यासेनिजातमिलसकेगी।सततप्रयासोंकीजरूरतहै।केवलकुछदिनकेलिएझाड़हाथमेंलेकरफोटोखिंचवानेतककीहीप्रवृत्तिनहींहोनीचाहिए।यहकार्यदिखावेकानहींहै,जमीनीस्तरपरअसरनजरआनाचाहिए।तभीमहात्मागांधीकास्वच्छताकासपनासाकारऔरप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीकासंकल्पपूराहोसकेगा।सियासीस्तरसेऊपरउठकरसभीकोइससंकल्पकोपूराकरनेमेंअपनाहरसंभवयोगदानदेनाहोगा।

[स्थानीयसंपादकीय:पंजाब ]