जागरणसंवाददाता,प्रयागराज:कोरोनासंक्रमणकेबढ़नेसेकईराज्योंमेंपाबंदीलगाईजारहीहै।हालातबिगड़रहेहैं।अभीट्रांसपोर्टसेवापरब्रेकनहींलगायाहै।लेकिन,शहरकेउद्यमियोंमेंकच्चेमालकीआपूर्तिकोलेकरसंशयहैं।उद्यमियोंकोकर्मचारियोंकीभीचिंताहै।कोईसंक्रमितड्यूटीपरनआजाए,इसकोलेकरसतर्कताबरतीजारहीहै।

नैनीइंडस्ट्रीएसोसिएशनकेअध्यक्षराजीवनैयरनेबतायाकि15दिनपहलेतकसबकुछसामान्यथा।लेकिन,वर्तमानमें25फीसदहीस्टाफहै।ज्यादातरखांसी,बुखारवजुकामसेपीड़ितहैं।उन्हेंछुट्टीदेदीगईहै।उत्पादोंकीमांगमें50फीसदकमीआईहै।कच्चामालभीनहींआरहाहै,जोआभीरहाहैतोदेरीहोरहीहै।लघुउद्योगभारतीकेसदस्यऔरइंडियनइंडस्ट्रीएसोसिएशनकेउपाध्यक्षविशालमोहननेबतायाकिपहलेकीतुलनामेंमालपहुंचनेमेंहोरहीदेरीसेपहुंचरहाहै।

रोजगारछिननेकाभय

संक्रमणबढ़नेसेइकाइयोंकेकर्मचारियोंकेमनमेंकामछिनजानेकाडरहै।बाहरसेआएकईकर्मचारीभीयहांकीफैक्ट्रियोंमेंकामकरतेहैं।अबउन्हेंभयहैकिकहींइसबारफिरपैदलहीघरनजानेपड़े।संक्रमणकेखौफसेकईकर्मचारीछुट्टीकेलिएभीआवेदनकररहेहैं।उद्यमीलवलेशसाहूबतातेहैंकिकर्मचारियोंकेभीतरडरहै।हमभीअपनीजांचकरातेहैं।जांचकेबादहीफैक्ट्रीमेंप्रवेशदियाजाताहै।बाजारमेंभीधीरे-धीरेमांगकमहोरहीहै।

By Elliott