जागरणसंवाददाता,प्रयागराज:वसंतपंचमीकास्नानपर्वबीतनेकेसाथमाघमेलाक्षेत्रसेतंबूउखड़नेलगेहैं।सेक्टरतीन,चारवपांचमेंप्रवासकरनेवालेसंतवसंस्थाएंमेलाक्षेत्रसेरवानाहोरहेहैं।अबहरकोईहरिद्वारकुंभऔरमथुरामेंचलरहेवैष्णवकुंभकीतैयारीमेंजुटगयाहै।शिविरउखड़नेसेमेलाक्षेत्रकीरौनककमहोनेलगीहै।दुकानदारीभीकमहोगईहै।

माघमेलाक्षेत्रमेंपौषपूर्णिमासेमाघीपूर्णिमातककल्पवासकरनेकाविधानहै।कल्पवासीमाघीपूर्णिमातकमेलाक्षेत्रमेंरहकरभजन-पूजनमेंलीनरहतेहैं।अधिकतरसंतभीमाघीपूर्णिमातकरहतेहैं।लेकिनमकरसंक्रांतिसेमेलाक्षेत्रमेंआएसंतवकल्पवासीवसंतपंचमीकास्नानकरकेमेलाक्षेत्रसेरवानाहोनेलगेहैं,क्योंकिउनकेकल्पवासकाएकमहीनापूराहोगयाहै।हरिद्वारकुंभहोनेकेकारणदंडीस्वामीनगर,आचार्यनगरवखाकचौककेप्रमुखसंतभीप्रयागराजसेरवानाहोरहेहैं।हरिद्वारकुंभकाप्रथमस्नान11मार्चकोमहाशिवरात्रिपरहै।संतपहलेसेवहांजाकरअपनेरहनेकीव्यवस्थाकरेंगे।

प्रयागराज:माघमासकाप्रमुखपर्वअचलासप्तमी19फरवरीकोहै।अचलासप्तमीपरसंगमवगंगामेंस्नानकरकेसंतोंकोअचलाअर्थातवस्त्रवधनदानकरनेकाविधानहै।अचलासप्तमीपरकियागयाज्ञानअचलमानाजाताहै।उसकाप्रभावलंबेसमयतकरहताहै।यहीकारणहैकिसंतोंकोदान-पुण्यकरनेकेलिएदूर-दूरसेश्रद्धालुमेलाक्षेत्रआतेहैं।

By Duffy