सुनीलशर्मा,तावडू्रलड़कियोंशिक्षितकरनेकेउद्देश्यसेजिलाकस्तूरबागांधीबालिकाविद्यालयखोलेगएथे।शुरुआतीदौरमेंमेवातविकासप्राधिकरण(एमडीए)कीदेख-रेखमेंचलेइनविद्यालयोंमेंस्टाफऔरमूलभूतसुविधाओंकीकमीहै।जबकिदेखरेखकीजिम्मेदारीभीदूसरेविभागकोदेदीगई।इसकेबादभीसुरक्षाकेभीपुख्ताइंतजामनहींहै।यहांपरछात्राओंकेरहनेकेचलतेसीसीटीवीकैमरेलगानेकीबातकईबारकहीगई,मगरकैमरेनहींलगे।कईबारअभिभावकोंकीओरसेमांगभीकीजाचुकीहै।

बतादेंकि2007मेंमेवातविकासअभिकरण(एमडीए)नेकस्तूरबागांधीबालिकाविद्यालयखोलेथे।हरब्लॉकमेंयेविद्यालयखोलेगए।शुरूआतीदौरमेंयेस्कूल6-12कक्षातकखोलेगए।अबयेस्कूलकेवलदसवींकक्षातकहैं।लेकिन2014मेंएमडीएसेइनस्कूलोंकानाताटूटगयाव2014मेंयेस्कूलसर्वशिक्षाअभियान(एसएसए)केअंतर्गतआगए।नूंहजिलेमेंतावडू,नूंह,नगीना,पुन्हानावफिरोजपुरझिरकाइनपांचोंब्लॉकोंमेंएक-एककेजीबीवीहै।तावडूस्कूलमें170,नूंहमें200,नगीनामें150,पुन्हानामें160वफिरोजपुरझिरकामें200बालिकाएंपढ़रहीहैं।इनकुल880छात्राओंमेंसेलगभगएकतिहाईछात्राएंइनस्कूलोंकेहॉस्टलमेंभीरहतीहैं।तावडूकेजीबीवीकेहालात

केवलचारअनुबंधअध्यापकोंकेसहारेयेस्कूलचलरहाहै।स्कूलमेंगणित,विज्ञान,शारीरिकशिक्षा,उर्दू,कम्प्यूटर,म्यूजिक,ड्राईंगकेपदरिक्तहैं।इनमेंसे60छात्राएंहॉस्टलमेंभीरहतीहैं।एकवार्डन,दोकुकवएकचौकीदारकेजिम्मेयेहॉस्टलहै।पूरेवर्षइनकी24घंटेयहींड्यूटीतयहै।महीनोंतकघरजानेकेलिएएकछुट्टीतकनहींमिलती।वहींमहीनोंतकवेतनकोहमेंतरसनापड़ताहै।स्कूलकीसुरक्षापरभीप्रश्नचिह्नकेजीबीवीतावडूमेंजानेकेलिएमेवातमॉडलस्कूलकेमुख्यगेटसेहीअंदरजानापड़ताहै।स्कूलकाअपनाअलगसेकोईगेटतकनहींहै।स्कूलकीचारदीवारीबेहदनीचीहैवस्कूलकाकईजगहढांचाऐसाहैकिकोईभीव्यक्तिदीवारफांदकरकैंपसतकआजाए।कितनीहीबारइनस्कूलोंकोसीसीटीवीकैमरेलगानेकीमांगउठलीलेकिनअबतकयेकार्यपूरानहींहोसकाहै।इनसुविधाओंसेभीवंचित:स्कूलकाअपनाकोईयातायातसाधननहींहै।मेवातमॉडलस्कूलकीबसोंमेंयेबच्चेस्कूलतकआतेहैं।हां,कईस्कूलोंमेंसरकारनेबालिकाशिक्षावाहिनीकेतहतरोडवेजकीबसेंअवश्यचलारखीहैंलेकिनइनकासमुचितसंचालननहींहोपारहाहै।2015मेंकेवलएकबारइनबच्चोंकोवर्दीवस्टेशनरीसामानमिला।उसकेबादआजतकइससुविधासेभीसेवंचितहैं।

इसमामलेमेंविभागीयअधिकारियोंवजिलाप्रशासनसेरिपोर्टलीजाएगी।बहुतहीजल्दइनसमस्याओंकानिवारणकरनेकाप्रयासहोगा।

डॉ.राकेशगुप्ता,प्रोजेक्टनिदेशक,एसएसए,हरियाणा

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