कानपुर,जेएनएन।यूपीबोर्डमें10वींकारिजल्टआनेकेबादमेधावियोंमेंखुशीकामाहौलहै।हालांकिइसबारमेधावियोंमेंपरीक्षानदेपानेकीकसकजरूरहैलेकिनसफलतामिलनेसेखुशीसेलबरेजभीहैं।कानपुरशहरमेंदसवींकीपरीक्षामेंसर्वाधिकपानेवालेमेधावियोंनेकुछइसतरहअपनेखुशीऔरभविष्यकेसपनेसाझाकिए...।

आइएएसबननाचाहतीहैंदिशा

मैंआइएएसबनकरआमजनकीमददकरनाचाहतीहूं।शनिवारकोयहबातशिवाजीइंटरकालेजमें10वींकीछात्रादिशाअवस्थीनेकही।यूपीबोर्डके10वींकेपरिणाममेंदिशाको96फीसदअंकमिले।नारायणपुरीनौबस्तानिवासीदिशानेबतायाकिउसेपढ़ाईकेअलावाखेलोंमेंसबसेज्यादाबैडमिंटनखेलनाअ'छालगताहै।इसकेसाथहीकिताबेंपढऩा,संगीतसुननाभीखूबभाताहै।दिशानेहालांकियहभीकहाकिअगरपरीक्षाएंहोतीहैंतोउनकेअंकऔरअधिकहोते।दिशाकेपिताराजकुमारअवस्थीकाफर्नीचरकाव्यवसायहै,जबकिमातापिंकीअवस्थीगृहणीहैं।

साक्षीकीसफलतामेंशामिलहैमांकीमेहनत

अर्रानिवासीसाक्षीनेजिनपरिस्थितियोंमेंपढ़ाईकरके10वींकीबोर्डपरीक्षामें96फीसदअंकप्राप्तकिएवहकाबिले-तारीफहैं।घरकीआर्थिकस्थितिअच्छीनहोनेकेचलतेउन्होंनेस्वाध्यायकोमूलमंत्रबनाया।शिवाजीइंटरकालेजअर्राकीछात्रासाक्षीकीमांविनीतादेवीशिक्षामित्रहैंजबकिपितारामकृष्णारोडवेजमेंकंडक्टरहुआकरतेथे।साक्षीबतातीहैंकिअबघरकीपूरीजिम्मेदारीमांकेकंधोंपरहै।उनकीसफलतामेंमांकीमेहनतशामिलहै।साक्षीकीबहनपहलीकक्षामेंपढ़तीहै,जबकिभाईचौथीकक्षाकाछात्रहै।हिंदी,अंग्रेजी,गणित,विज्ञान,सामाजिकविज्ञानवड्राइंगविषयकेसाथबोर्डपरीक्षाउत्तीर्णकरनेवालीसाक्षीकीख्वाहिशपुलिसविभागमेंकार्यकरनेकीहै।

नीटकीतैयारीकरनाचाहतेघनेंद्र

मैंअपनेपरिणामसेतोसंतुष्टहूं,मगरपरीक्षाएंहोतींतोशायदइससेअधिकअंकमिलते।शनिवारकोयहबातओंकारेश्वरसरस्वतीविद्यानिकेतनइंटरकालेजमें10वींकेछात्रघनेंद्रसिंहनेकही।यूपीबोर्डकीओरसेजारी10वींकेपरिणाममेंघनेंद्रको95.66फीसदअंकमिले।मूलरूपसेबांदानिवासीघनेंद्रनेजवाहरनगरमेंरहकरतैयारीकी।घनेंद्रनेबतायाकिकईविषयोंमेंऔसतनउन्हेंकमअंकमिले।वहअबनीटकीतैयारीकरनाचाहतेहैं,इसकीशुरुआतभीउन्होंनेकरदीहै।घनेंद्रकेपितारामसिंहसरकारीविद्यालयमेंशिक्षकहैं,औरमाताकिरनसिंहगृहणीहैं।

आर्थिकतंगीमेंमिलामांकासाथतोछुआआसमान

यहजगजाहिरहैकिअपनीआंचलकीछांवदेनेवालीमांब'चेकेसपनेभीबुनतीहै।खुदकष्टझेलतीहै,लेकिनब'चेपरआंचनहींआनेदेती।परितोषइंटरकालेजसे95.5फीसदअंकोंकेसाथ10वींकीपरीक्षामेंसफलतापानेवालेउत्तमसिंहसेंगरकीमांनेभीकुछऐसाहीकिया।उत्तमअपनीसफलताकाश्रेयमांकोदेतेहैं,जिन्होंनेआर्टिफिशियलमालाबनाकरवसिलाई,कढ़ाईकाकामकरकेअपनेबेटेकोसफलताकेइसशिखरपरपहुंचाया।हालांकिपिताराजेंद्रसिंहसेंगरकीमृत्युकेबादउनकेदादा-दादी,नाना-नानीवदोनोंचाचानेमददकी।कभीकभीऐसाभीहुआजबउत्तमकीमांकोआर्थिकतंगीसेदोचारहोनापड़ा।वहकिसीतरहबेटेकीफीसजमाकरतीथीं।केडीएकालोनीनिवासीउत्तमबतातेहैंकिउनकावमांकासपनाहैकिवहआइआइटीसेइंजीनियरिंगकीपढ़ाईकरेंइसकेलिएउन्होंनेतैयारीशुरूकरदीहै।वहतीनभाईबहनहैं।

पढ़ाईकेजुनूननेलिखीसफलताकीइबारत

अमेरिकनलेखकबुकरटीवाशिंगटनकीलिखितकहानी'माईस्ट्रगलफारएनएजुकेशनओंकारेश्वरसरस्वतीविद्यानिकेतनइंटरकालेजकीछात्रासंध्यानिषादपरसटीकबैठतीहै।जिसतरहइसकहानीमेंएकगरीबलड़केकाशिक्षाकेलिएसंघर्षबतायागयाहै।उसीसंघर्षकेबूतेसंध्यानिषादने10वींमें94.6फीसदअंकपाकरअपनेपरिवारकोखुशियोंकातोहफादियाहै।आर्थिकतंगीसेजूझनेवालेउसकेमजदूरपितासेजबबेटीनेआगेपढऩेकीबातकहीतोउन्होंनेमनाकरदिया।पिताकोकिसीतरहमनायाऔररोजाना24किमीसाइकिलचलाकरस्कूलमेंशिक्षाग्रहणकरनेलगी।

शंकरपुरकटरीकीरहनेवालीसंध्यानेआठवींतककीपढ़ाईवहींकेप्राइमरीस्कूलसेकीहै।पितासुंदरलालमजदूरीकरतेहैं।माताश्यामकलीगृहणीहैं।संध्याकेतीनभाईऔरतीनबहनहैं।परिवारमेंवहऔरउनकाछोटाभाईहीपढ़ाईकररहाहै।संध्यानेबतायाकिपापासेआठवींकेबादआगेपढऩेकोकहाथातोउन्होंनेकहाकिचुपकरकेघरमेंबैठो।कहाकिइतनीदूरस्कूलजानेकेलिएभाड़ाकहांसेआएगातोमैंनेसाइकिलसेस्कूलजानेकीबातकहतेहुएपढ़ाईकेलिएउनसेहामीभरवाली।अबवहअपनेसुनहरेभविष्यकेलिएऔरमेहनतसेपढ़ाईकरेगी।

By Dyer