देहरादून,जेएनएन।प्रदेशकेसरकारीअस्पतालोंमेंदवाआपूर्तिपरसंकटकेबादलछानेलगेहैं।केंद्रसरकारकीदवाक्रयनीतिकेतहत103दवाएंसार्वजनिकउपक्रमसेखरीदीजातीहैं।परयहनीतिदसदिसंबरतकहीप्रभावीथी।अबखरीदकैसेहोगी,इसेलेकरकोईदिशा-निर्देशभीअभीनहींआएहैं।ऐसेमेंदवाकीआपूर्तिकभीभीलड़खड़ासकतीहै।

दरअसल,103दवाएंऐसीहैं,जिनकीखरीदटेंडरकेबिनाभीकीजासकतीहै।केंद्रसरकारकीचिह्नितपांचदवानिर्मातापीएसयूसेइन्हेंकभीभीखरीदाजासकताहै।इनकीखरीदकीदरेंतयहैं।नेशनलफार्मास्युटिकलप्राइसिंगअथॉरिटीयहदरतयकरतीहै।इसकेतहतबाजारमूल्यसेतकरीबन16फीसदतकसस्तीदवाएंपीएसयूउपलब्धकरातीरहीहैं।

केंद्रकीयहनीतिसभीराज्योंमेंलागूथी।अबइसकीअवधिखत्महोगईहै।दसदिसम्बर2013कोइसेलेकरजारीशासनादेशमेंस्पष्टउल्लेखथाकिनीतिपांचवर्षतकहीप्रभावीरहेगी।ऐसेमेंअबयहनिष्प्रभावीहै।इसकारणविभागआगेखरीदनहींकरसकताहै।

स्वास्थ्यनिदेशकडॉ.अमिता उप्रेतीनेबतायाकिकेंद्रकेदिशानिर्देशोंसेइतरखरीदकरनामुमकिननहींहै।उनकादावाहैकिविभागकेपासदवाकाकरीबतीनसेचारमाहकास्टॉकहै।इसबीचकेंद्रकीतरफसेकोईगाइडलाइनजारीकरदीजाएगी।डॉ.उप्रेतीनेकहाकिदवाकीआपूर्तिप्रभावितनहींहोनेदीजाएगी।

दवाआपूर्तिमेंदेरी

सरकारीअस्पतालोंमें103दवाएंपीएसयूकेमाध्यमसेआतीहैं।इसकाएकपहलूऔरभीहै।यहउपक्रमसमयपरदवाकीआपूर्तिनहींकरपारहेथे।जिसकारणबार-बारदिक्कतआरहीहै।कईस्तरपरअधिकारीइनपरकार्रवाईकीबाततकरखचुकेथे।यहांतककीओपनटेंडरमेंजानेकासुझावभीदियागयाथा।

आयुष्मानयोजनाकेनहींबनपारहेकार्ड

आयुष्मानस्वास्वास्थ्ययोजनाकेतहतगरीबोंकोमुफ्तइलाजदेनेकेदावेचाहेजितनेकिएजाएं,परयोजनाकेकार्डबनानेमेंलाभार्थियोंकोकाफीपरेशानीहोरहीहै।एकाधनहींऐसेकईउदाहरणहैंजहांलंबीदौड़केबादभीलोगोंकेकार्डनहींबनेहैं।

सेवलांकला(माजरा)निवासीरोमाकाकहनाहैकिवहगुर्दारोगसेपीडि़तहैं।हरमाहकरीबआठबारउन्हेंडायलिसिसकरनापड़ताहै।उनकेपतिमजदूरीकरतेहैं।लिहाजाडाइलिसिसकेलिएसमुचितधनराशिएकत्रनहींहोपारहीहै।उन्होंनेबतायाकिपटेलनगरस्थितश्रीमहंतइंदिरेशअस्पतालमेंजबआयुष्मानस्वास्थ्ययोजनाकेतहतउपचारकरानेकीगुहारलगाईतोअस्पतालप्रशासननेमनाकरदिया।

उन्होंनेकहाकिबिनाकार्डइसयोजनाकालाभनहींमिलसकताहै।कार्डबनानेकेलिएवहअपनेसभीदस्तावेजनजदीकमेंआशाकार्यकर्ताकोपूर्वमेंहीसौंपचुकीहैं।अबआशाकार्यकर्ताद्वाराकहाजारहाहैकिआयुष्मानयोजनाकेलिएकोईभीकार्डअबनहींबनरहेहैं।

उन्होंनेकहाकिधनराशिकेअभावमेंवहउपचार(डायलिसिस)करानेमेंअक्षमहैं।उसकेदोछोटेबच्चेहैं।कहाकिउन्हेंआयुष्मानयोजनाकेतहतउपचारकालाभदियाजाए।

डेंगू-स्वाइनफ्लूकेमरीजघटे,चुनौतीनहीं

प्रदेशमेंडेंगू,मलेरिया,स्वाइनफ्लूवचिकनगुनियाकेकारणआमजनताकोहोनेवालेखतरोंऔरसरकारद्वाराकिएजारहेप्रयासोंकीसमीक्षास्वास्थ्यसचिवनितेशकुमारझानेकी।इसदौरानअधिकारियोंनेबतायाकिराज्यमेंवर्ष2016से2018केदौरानडेंगूपीड़ितकीसंख्यामें71प्रतिशतगिरावटदर्जहुईहै।

वर्ष2016मेंजहांडेंगूपीड़ितमरीजोंकीसंख्या2046थी,वहीं2018मेंघटकर591रहगईहै।सरकारद्वाराडेंगूकोफैलनेसेरोकनेकेलिएएकप्रभावीरणनीतिपरअमलकियाजारहाहै।डेंगूसंभावितक्षेत्रोंमेंदोलाखसेअधिकघरोंमेंआशाकार्यकर्तावस्वास्थ्यविभागकीटीमद्वारानिरोधात्मककार्रवाईकीगई।

डेंगूरोगीकेघरवआसपासकेक्षेत्रमेंमच्छरोंकोसमाप्तकरनेकेलिएस्प्रेऔरफॉगिंगकाकार्यकियागया।समीक्षामेंमलेरियाकेरोगियोंकीसंख्यामें80प्रतिशतगिरावटहोनेकीजानकारीदीगई।

बतायागयाकिवर्ष2017मेंमलेरियाकेमरीजोंकीसंख्याजहां1948थी,वहींवर्ष2018मेंमलेरियापीड़ितमरीजोंकीसंख्याघटकर388होगईहै।राज्यनोडलअधिकारीद्वाराबतायागयाकिमलेरियावडेंगूकोअधिसूचितकीजानेवालीबीमारीकीश्रेणीमेंरखागयाहै।

इसकारणनिजीअस्पतालोंनेभीमलेरियाकेमरीजोंकीसूचनास्वास्थ्यविभागकोप्राप्तहोरहीहै।बतायागयाकिउत्तराखंडमेंचिकनगुनियावजापानीइन्सेफेलाइटिससेपीड़ितमरीजोंकीसंख्यानगण्यहै।इसरोगकेलक्षणसिर्फऊधमसिंहनगरकेकुछक्षेत्रोंमेंदेखनेकोमिलाहै।

स्वाइनफ्लूजैसीजानलेवाबीमारीकेबारेमेंसचिवस्वास्थ्यनेबतायाकिवर्ष2018मेंस्वाइनफ्लूसेपीड़ितकेवलआठरोगीहीउपचारकेलिएअस्पतालोंमेंगएजबकिवर्ष2017में157मरीजइसबीमारीकीचपेटमेंआएथे।स्वाइनफ्लूपीड़ितमरीजोंकेत्वरितउपचारएवंप्रभावितरोगीकापताचलनेपरआवश्यककार्रवाईकेलिएजनपदस्तरपररेपिडरिस्पांसटीमकागठनकियागयाहै।

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By Edwards