वाराणसी[श्रवणभारद्वाज]। नर्सरीसंचालकफरवरीमाहआतेहीमौसमीपौधेकोतैयारकरनेमेंजुटगएहै।कासमस,सूरजमुखी,बरबिना,कुचिया,गेंदा,बेला,चमेलीआदिपौधोंकोतैयारकियाजारहाहैयहसभीपौधेलगभगडेढ़सेदोमहीने(ग्रीष्मऋतु)मेंतैयारहोजाएंगे।

सूरजमुखी-सूरजमुखीकेपौधेकाबोटैनिकलनामहेलिएन्थसहै।सूरजमुखीकाफूलसुबहसूर्यनिकलनेसेलेकरशामतकसूरजकोदेखतेहुएपूर्वसेपश्चिमघूमताजाताहै,सूरजकीतरफहीमुखहोनेकीवजहसेहीइसेसूरजमुखीयासूर्यमुखीकापौधाकहागयाहै।घरमेंसूरजमुखीकापौधालगानेसेघरकेसदस्योंकोआरोग्ययानिअच्छेस्वास्थ्य,गुडलककीप्राप्तिहोतीहै।घरकेआस-पासजमीनयागमलेमेंसूरजमुखीकापौधालगानेसेघरमेंपाज़िटिविटीआतीहै।

गेंदाकापौधा-गेंदाबहुतहीउपयोगीएवंआसानीसेउगायाजानेवालाफूलोंकापौधाहै।यहमुख्यरूपसेसजावटीपौधाहै।यहखुलेफूल,मालाएवंभू-दृश्यकेलिएउगायाजाताहै।मुर्गियोंकेदानेमेंभीयहपीलेवर्णककाअच्छास्रोतहै।इसकेफूलबाजारमेंखुलेएवंमालाएंबनाकरबेचेजातेहैंगेंदाजनवरीवफरवरीकेशुरुआतमाहमेंफूललगाएजातेहै।जिनकानवरात्रकेदिनोंमेंपूजापाठमेंखूबइस्तेमालहोताहैऔरबाजारमेंअच्छीकीमतभीमिलतीहै।

बेला-बेलाकोअरेबियनजैस्मिनभीकहतेहैं।यहगर्मियोंमेंखिलनेवालापौधाहै।इसेअगरआपघरपरलगानाचाहतेहैंतोयातोइसेनर्सरीसेखरीदसकतेहैंयाकिसीबड़ेपौधेकीकटिंगसेभीइसेआसानीसेलगासकतेहैं।इसकेलगानेकेलिएआपगमलेमेंबराबरमात्रामेंमिट्टी,रेतऔरगोबरकीखादयाकोकोपीटलें।बेलाकोअरेबियनजैस्मिनभीकहतेहैं।यहगर्मियोंमेंखिलनेवालापौधाहै।इसेअगरआपघरपरलगानाचाहतेहैंतोयातोइसेनर्सरीसेखरीदसकतेहैंयाकिसीबड़ेपौधेकीकटिंगसेभीइसेआसानीसेलगासकतेहैं।इसकेलगानेकेलिएआपगमलेमेंबराबरमात्रामेंमिट्टी,रेतऔरगोबरकीखादयाकोकोपीटलें।कटिंगकोलगानेकेलिएआपशुरूमेंकोईडिस्पोजेबलग्लासयाप्लास्टिककीबोतलकोकाटकरप्लांटरबनालें।इसप्लांटरकेनीचे,तलेमेंछेदकरलेंताकिपानीआसानीसेनिकलजाए।अबप्लांटरमेंपॉटिंगमिक्सभरेंऔरबेलाकेपौधेकीकटिंगलगादें।कटिंगकोलगानेसेपहलेइसपररूटड्राईपाउडरलगालें,ताकिइसमेंजड़ेंजल्दीविकसितहों।कटिंगलगानेकेबादइसमेंऊपरसेपानीडालें।अबआपकोइसप्लांटरकोऐसीजगहरखनाहैजहांइसेदिनभरहल्की-हल्कीधूपमिलतीरहे।गलतीसेभीइसेऐसीजगहनरखेंजहांतेजधूपआतीहो।लगभग10से12दिनमेंआपकोकटिंगमेंग्रोथदिखनेलगेगीऔरलगभगएकमहीनेबादआपअपनेपौधेको12से15इंचकेगमलेमेंलगासकतेहैं।

कासमासआरेंज- कासमासआरेंजकेपौधेकोभीबीजसेलगायाजासकताहै।इसेलगानेकेलिएसबसेपहलेएकमध्यमआकारकागमलालेंऔरउसमें70%कोकोपीट,20%मिट्टीऔर10%रेतभरें।अबइसमेंबीचकोलगालेंऔरऊपरसेपानीकाछिड़कावकरें।अबइसगमलेकेऊपरकोईपॉलिथीनशीटलगादें।ऐसाकरनेसेबीजोंकोअंकुरितहोनेमेंमददमिलतीहै।आपगमलेकोऐसीकिसीजगहरखेंजहांसीधीधूपनआतीहोएकहफ्तेमेंयेबीजअंकुरितहोनेलगेंगे।अबइनपरसेआपपॉलिथीनहटासकतेहैं।लगभग20-25दिनमेंयेपौधेइतनेबड़ेहोजायेंगेकिआपइन्हेंदूसरेगमलोंमेंलगासकें।

चमेली-चमेलीकापौधाएकसदाबहारफूलझाड़ीहै,जोऑस्ट्रेलिया,एशिया,यूरोपऔरचीनकेउष्णकटिबंधीयगर्मसमशीतोष्णक्षेत्रोंकेमूलनिवासीहै।वेसफेद,पीलेरंगकेफूलोंमेंस्तंभ,बेल,पर्वतारोहीऔरप्रसारकेरूपमेंउपलब्धहैं।फूलगुच्छोंमेंहोतेहैंजोकिस्मकेआधारपर4-9पंखुड़ियोंसेहोतेहैं।चमेली'काफूलझाड़ीयाबेलजातिसेसंबंधितहै,इसकीलगभग200प्रजातिपाईजातीहैं।"चमेली"नामपारसीशब्द"यासमीन"सेबनाहै,जिसकामतलब"प्रभुकीदेन"है।चमेली,जैस्मिनमप्रजातिकेओलिएसिईकुलकाफूलहै।भारतसेयहपौधाअरबकेमूरलोगोंद्वाराउत्तरअफ्रीका,स्पेनऔरफ्रांसपहुचा।

कोचियापौधा–गर्मियोंकेमौसमकेलिएकोचियाप्लांटएकबढ़ियापौधाहैक्योंकियेकड़ीधूपकेदिनोंमेंभीखूबहरा-भराबनारहताहै।कोचियाकापौधालगानाऔरदेखभालकरनाभीआसानहै।कोचियाहल्केहरेरंगकीपतली,लंबी,नर्मपत्तियोंकापौधाहै।कोचियाकेअन्यनामसमरसाइप्रस,बर्निंगबुश,रैगवीड,बेलवेडेयरभीहै।इसकाबोटैनिकलनामबस्सीयास्कोपरियाहै।यहमूलतःजापान,फ्रांसकापौधाहैलेकिनभारतमेंलोगइसेगर्मियोंमेंलगानाखूबपसंदकरतेहैं।इसपौधेकोजनवरीवफरवरीमाहकेशुरुआतमेंलगानेपरगर्मीतकतैयारहोजाताहै।तैयारहोनेपरइसेगर्मीकेमौसमकीशुरूहोतेहीकोचियाकापौधालगायाजासकताहै।कोचियाकेपौधेमेंएंटी-बैक्टीरियल,एंटी-फंगल,एंटी-इंफलेमेटोरी,एंटी-कैंसरगुणपाएजातेहैं। कोचियाकीसामान्यतःदोप्रजातियांहोतीहैं।जिसमेंएकबड़ेसाइज़कीप्रजातिऔरदूसरीछोटेसाइज़कीप्रजातिहोतीहै।कोचियाकीछोटीप्रजातिकेपौधेसदाबहारहोतेहैयानियहसालभरहरा-भरारहताहै। इसजातिकेपौधेअपनेजीवनकालमेंकईरंगबदलतेहै।इसकेछोटेपौधेकारंगधानीहरा,बड़ेपौधेकारंगडार्कहराऔरपुरानेपौधेकारंगलाल-हरासाहोजाताहैं।

कईगांवमेंफैलाहैनर्सरीकाव्यापार: नर्सरीकाव्यवसायमंडुआडीह,शिवदासपुर,महेशपुर,भिटारी,

धन्नीपुरआदिगांवोंमेंफैलाहै।इनक्षेत्रोंसे250से300नर्सरीसंचालितहोतीहैं।700से800परिवारोंकाप्रत्यक्षवअप्रत्यक्षरूपसेनर्सरीव्यवसायसेजुड़करजीवनयापनहोरहाहै।मंडुआडीहसमेतअन्यगांवोंमेंनर्सरीलगभग55वर्षपहलेसेहोरहाहै।

पूर्वांचलसेलेकरकईप्रदेशोंतकजातेहैपौधे: मंडुआडीहसमेतआसपासकेअन्यगांवोंसेयहपौधेकईजिलोंकेसाथसाथकईप्रदेशोतकजातेहैं।यहपौधेगाजीपुर,बलिया,चंदौली,भदोही,आजमगढ़,मिर्जापुर,सोनभद्र,प्रयागराज,मऊ,देवरिया,बस्ती,गोरखपुरतथामध्यप्रदेशकेरीवा,सतना,कटनी,जबलपुरऔरबिहारकेबक्सर,आरा,सासाराम,डेहरीआदिजगहोंपरजातेहैं।

वर्षोंपुरानाहैनर्सरीसंचालनकाइतिहास:मंडुआडीहसमेतसटेहुएअन्यगांवोंमें55वर्षपहलेसेनर्सरीसंचालितहोरहाहै।इनक्षेत्रोंमेंवर्षोंपहलेआम,अमरूद,कटहल,नींबू,आदिकापौधातैयारहोताथा।उसके15वर्षोंबादगुलाबकेपौधेकीखेतीहोनेलगीऔरयहासेपूर्वांचलसमेतअन्यप्रदेशोतकजाताभीथा।पहलेसभीक्षेत्रोंकोमिलाकर600नर्सरीसंचालितहोताथा।2007केबादगुलाबकेपौधेकीखेतीमेंभारीगिरावटआनेलगी।

By Evans