वाराणसी[मुकेशचंद्रश्रीवास्तव]।शिल्पियोंवबुनकरोंकेहुनरकोनकेवलवैश्विकपहचानदिलाने,बल्किबाकायदापाठ्यक्रमबनाकरसंरक्षितवसमृद्धकरनेकेमकसदसेउत्तरप्रदेशइंस्टीट्यूटआफडिजाइनएंडरिसर्च(यूपीआइडीआर)बनारसकेसाथहीप्रदेशकेहरमंडलमेंफैशनइंस्टीट्यूटकाविस्तारकेंद्रस्थापितकरेगा।इससेबुनकरवशिल्पीअपनेहीक्षेत्रमेंपारंपरिकविधामेंतकनीकीरूपसेदक्षहोंगेऔरवैश्विकजरूरतोंकेमुताबिकखुदकोढालभीसकेंगे।यहीनहीं,संस्थानकोविश्वविद्यालयबनानेकीभीपहलतेजहोगईहै,जोतकनीकीरूपसेशिल्पकोनयाआयामदेगा।इसकेलिएप्रस्तावबनाकरशासनकोभेजाजाचुकाहै।प्रदेशमेंहस्तशिल्पकीदशावदिशाएवंशिल्पियोंकीस्थितिबेहतरबनानेकीभावीरणनीतिपरसंस्थानकीअध्यक्षक्षिप्राशुक्लासेबातकीदैनिकजागरणसंवाददाताने।प्रस्तुतहैबातचीतकेप्रमुखअंश...।

-वर्तमानमेंसंस्थानकास्वरूपक्याहै?

-उत्तरप्रदेशडिजाइनएवंअनुसंधानसंस्थान(यूपीआइडीआर)में90सीटोंपरतीनवर्षकाडिप्लोमाकोर्ससंचालितहोरहेहैं।इसमेंअपेरलडिजाइनएंडफैशनटेक्नोलाजी,कास्ट्यूमडिजाइनएंडगारमेंटटेक्नोलाजीवक्राफ्टटेक्नोलाजीशामिलहैं।एकवर्षीयडिप्लोमाकोर्सभीछात्रोंकेलिएउपलब्धहैं।संस्थानमें3-डीप्रोडक्टलैब,पैकेङ्क्षजगलैबभीबनरहेहैं।

-छात्रोंकोप्रमाणपत्रकहांसेदियाजारहाहै?

-हमारासंस्थानवर्तमानमेंएआइसीटीई(आलइंडियाकाउंसिलफारटेक्निकलएजुकेशन)सेमान्यताप्राप्तहै।इसलिएविश्वविद्यालयबननेतकएआइसीटीईसेहीप्रमाणपत्रदिएजारहेहैं।

-विश्वविद्यालयबनानेकेक्रममेंक्या-क्याकिएजारहेहैैं?

-शहीदपथ-लखनऊकेपासचारएकड़मेंसंस्थानबनाहुआहै।पासमेंही16एकड़जमीनऔरमिलगईहै।विश्वविद्यालयकेलिएजमीनकीसमस्यातोदूरहोगईहै।एक्टकेलिएप्रस्तावबनाकरशासनकोभेजदियागयाहै।

-स्नातकवपरास्नातककोर्सकबसेसंचालितहोंगे?

-अगलेसालसेस्नातककेडिग्रीकोर्सशुरूहोजाएंगे।इसकेलिएचारविभागखोलेजाएंगे।कुलमिलाकरलगभग200सीटेंहोजाएंगी।

-विस्तारकेंद्रकहां-कहांखोलेजाएंगेऔरइससेक्यालाभहोगा?

-प्रदेशमें18मंडलहैं।सभीमेंसंस्थानकेविस्तारकेंद्रस्थापितकिएजाएंगे।इसकीशुरूआतसबसेपहलेवाराणसीसेहोगी।केंद्रखुलनेसेवाराणसीसहितपूर्वांचलकेशिल्पियों-बुनकरोंकोतकनीकीज्ञानकेसाथप्रमाणपत्रमिलेगा।दाखिलेमेंभीशिल्पियों-बुनकरोंकेबच्चोंकोप्राथमिकतादीजाएगी।

-वर्तमानमेंआपकेसंस्थानकीओरसेशिल्पियों-बुनकरोंकेलिएक्याकियाजारहाहै?

-संस्थानकीओरसेपूर्वांचलकेसातजिलों-देवरिया,गाजीपुर,मीरजापुर,सोनभद्र,चंदौली,आजमगढ़ववाराणसीके280अनुसूचितजनजातिकेकामगारोंकोतकनीकीप्रशिक्षणदियाजारहाहै।अभीहालहीमेंवाराणसीमें'काशीमेंआदिवासीकार्यक्रमभीआयोजितकियागयाथा।अन्यशिल्पियोंकेलिएभीसंस्थानके125डिजाइनरोंने45जिलोंकेकरीब5000करीगरोंकोप्रशिक्षणदिया।उन्हेंसीधाबाजारसेजोडऩेकेलिएबायर्स-सेलरमीटकाभीआयोजनसमय-समयपरकियाजारहाहै।

-प्रशिक्षणकाक्याउद्देश्यहै?

-आदिवासीबहुलक्षेत्रोंकेकामगारोंमेंहुनरकीकमीनहींहै।बसउन्हेंप्लेटफार्मउपलब्धकरानेकीजरूरतहै।इसीमकसदकेतहतउन्हेंप्रशिक्षितकियाजारहाहै,ताकिउनकेउत्पादोंकीविश्वस्तरीयडिजाइङ्क्षनगहोसकेऔरउचितबाजारमिले।

-उनकेउत्पादोंकोबाजारकैसेमिलेगा?

-इसकेलिएट्राईफेड(दट्राइबलकोआपरेटिवमार्केटिंगडेवलपमेंटफेडरेशनआफइंडिया)सेसमझौताहोचुकाहै।शिल्पियोंकेउत्पादकोहमारेसंस्थानकेमाध्यमसेसीधेट्राईफेडकेशो-रूममेंपहुंचायाजाएगा।

क्षिप्राशुक्लाकेबारेमेंजानें

नाम:क्षिप्राशुक्ला

पद:अध्यक्ष,उत्तरप्रदेशइंस्टीट्यूटआफडिजाइनएंडरिसर्च

पश्चिमीलखनऊविधानसभाक्षेत्रसेतीनबारविधायकरहेरामकुमारशुक्लाकीपुत्रीक्षिप्राशुक्लालखनऊविश्वविद्यालयसेजर्नलिज्मएंडमासकम्यूनिकेशनकेसाथहीमध्यकालीनएवंआधुनिकभारतीयइतिहाससेपरास्नातकहैं।निफ्टदिल्लीसेहैंडीक्राफ्टएंडडिजाइनकाकोर्सकियाहै।लखनऊकेप्रतिष्ठितअंग्रेजीअखबारसेतीनवर्षोंतकजुड़ीरहीं।सामाजिकसंस्थाआयुषसेजुड़करलखनऊवआस-पासकी2500महिलाओंकोकौशलविकासकाप्रशिक्षणदेकरसीधाबाजारसेजोड़ा।2017सेउत्तरप्रदेशडिजाइनएवंअनुसंधानसंस्थानकीअध्यक्षपदकादायित्वसंभालरहीहैं।

By Dyer