जागरणसंवाददाता,ग्रेटरनोएडा:ग्रेडेडरिस्पांसएक्शनप्लान(ग्रेप)लागूहोनेकेबादसेडीजीसेटचलानेपरपाबंदीलगादीगईहै।इससेउद्यमीपरेशानहैं।उनकाकहनाहैकिरोजानाछहसेसातघंटेबिजलीकटौतीहोतीहै।डीजीसेटपरभीपाबंदीलगगईहै।ऐसेमेंउद्योगचलानेकेलिएपहलेबिजलीकीवैकल्पिकव्यवस्थाहो,उसकेबादहीउद्योगोंकेलिएडीजीसेटमेंपाबंदीलगे।

बकौलग्रेनोइंडस्ट्रीएसोसिएशनकेअध्यक्षपंकजकुमारसिंह,सूक्ष्म,लघुएवंमध्यम(एमएसएमई)केशहरमेंकरीबनौहजारइकाइयांहैं।सभीबिजलीगुलहोनेकेबादडीजीसेटपरनिर्भरहैं।अधिकतरउद्यमीबीएस-6स्टैंडर्डकेडीजीसेटलगाचुकेहैं।इससेप्रदूषणभीकमहोताहै।ऐसेमेंउद्यमियोंकेलिएइनकेइस्तेमालपररोककेआदेशगलेनहींउतररहाहै।सरकारपहलेउद्योगोंको24घंटेनिर्बाधबिजलीआपूर्तिदें,इसकेबादहीआदेशलागूकरें।

उन्होंनेकहाकिवर्तमानमेंरोजाना6से7घंटेकीबिजलीकटौतीकेदौरानडीजीसेटभीनहींचलासकते।इससेसमयबर्बादहोनेकेसाथहीउत्पादनभीनहींहोपारहाहै।आर्डरभीपूरेनहींहोपारहेहैं।पहलेसेहीमंदीझेलरहेउद्यमीकोरोनामहामारीसेलागूलाकडाउनमेंऔरपरेशानहैं।त्योहारोंकेसीजनमेंकुछआर्डरमिलनेशुरूहीहुएहैंकिबिजलीकटौतीसेकाम-धंधाबंदहैं।प्रदूषणपररोकथामकेलिएउद्यमीसरकारकेसाथहैं,लेकिनरोजगारऔरदेशकीआर्थिकमजबूतीकेलिएउद्योगोंकालगातारचलतेरहनाभीजरूरीहै।