जागरणसंवाददाता,मथुरा:ब्रजचौरासीकोसका31वांपड़ावमथुराकाविश्रामघाटहै।अधिकांशसंप्रदायोंकीयात्रायहींसेप्रारंभहोकरयहींपरसमाप्तहोतीहै।विश्रामघाटपहुंचनेपरसीवरकापानीओवरफ्लोहोकरयमुनामेंगिरतेदेखश्रद्धालुओंकीभावनाएंआहतहोजातीहैं।व्यवस्थाओंकेनामपरनतोयहांशौचालयहीहैऔरनहीपीनेकेपानीऔरठहरनेकीकोईसुविधा।

पिछलेपड़ावरावलसेमथुराकेविश्रामघाटकीदूरीकरीबआठकिमीहै।रावलसेलक्ष्मीनगरहोतेहुएयात्रीविश्रामघाटपहुंचतेहैं।यात्राप्रारंभकरनेसेपूर्वयात्रीयहींपरयात्राकेनियमवसंकल्पलेकरयात्राप्रारम्भकरतेहैं।समाप्तिपरइननियमों-संकल्पोंकोयहींयमुनाकापूजन-अर्चनकरनेकेबादयहींपरविसर्जनकियाजाताहै।साथहीमथुराकीपंचकोसीयपरिक्रमाकीजातीहै।यहांपहुंचनेपरयमुनामेंगिरतेसीवरकेपानीकोदेखश्रद्धालुओंआहतहोउठतेहैं।यहांनतोयात्रियोंकेलिएशौचालयहीहैऔरनहीपीनेकेलिएपानी।टंकीबनीहै,लेकिनइससेनिकलनेवालापानीपीनेयोग्यनहींहोता।हैंडपम्पभीखराबपड़ाहै।लाइटभीलगीहैं,लेकिनउनकेझूलतेजर्जरतारभीपरेशानियोंकाकारणबनेहुएहैं।

पहलेमथुराकानामथामधुनगरी-

प्राचीनकालमेंमथुराकानाममधुदैत्यकेनामपरमधुनगरीहुआकरताथा।बतातेहैंत्रेतायुगमेंशत्रुधननेमधुदैत्यकेपुत्रलवणासुरकावधकरमधुवनजंगलकाटकरमथुरानगरीकीस्थापनाकीथी।द्वापरयुगमेंश्रीकृष्णकाजन्महोनेकेकारणमथुराकोधार्मिकएवंएतिहासिकपहचानमिली।विश्रामघाटकेबारेमेंमान्यताहैकिभगवानश्रीकृष्णनेकंसकावधकरइसीस्थानपरविश्रामकियाथा।

पड़ावस्थलहोनेकेबादभीयहांकोईसुविधाएंनहींहैं।पीनेकेलिएजोभीपानीहैउसमेंबदबूआरहीहै।ठहरनेकेलिएकोईव्यवस्थानहींहै,बिजलीकेतारभीखुलेपड़ेहैं,जिनपरबंदरझूलतेहैं।

अजयकुमारचतुर्वेदीपाठक,स्थानीय

यहांनतोशौचालयकीव्यवस्थाहैऔरनहीस्नानआदिकी।यात्रीयहांदर्शनकरनेकेबादरुकनाभीपसंदनहींकरते।शासन-प्रशासनद्वाराइसकेविकासकेलिएकदमउठाएजानेचाहिए।

झब्बूचतुर्वेदी,बड़ेमुखिया,विश्रामघाट

By Edwards