जागरणसंवाददाता,झज्जर:

नईदिल्लीमेंचलरहेविश्वपुस्तकमेलेमेंराजकीयस्नातकोत्तरनेहरूमहाविद्यालयकेअसिस्टेंटप्रोफेसरडा.अमितभारद्वाजकेकथासंग्रह'आकाशकीनोटबुक'कालोकार्पणहुआ।बोधिप्रकाशन,जयपुरकेस्टालपरयहलोकार्पणसमारोहआयोजितहुआ।साहित्यकारडॉ.जीवन¨सहइसअवसरपरबतौरमुख्यअतिथिपहुंचेथे।उन्होंनेपुस्तककेबारेमेंअपनीप्रतिक्रियादेतेहुएकहाकिडॉ.अमितकीपुस्तकअत्यधिकरोचकहैऔरइसमेंभावोंकासूक्ष्मचित्रणकियागयाहैतथापाठकएकबारपढ़नाशुरूकरनेकेबादइसेसमाप्तकिएबिनानहींरहसकता।यहपुस्तकनिश्चितरूपसेपाठकोंकोपसंदआएगी।बोधिप्रकाशनकीओरसेडॉ.अमितभारद्वाजकोसम्मानितभीकियागया।इसअवसरपरशिक्षाविदविशाखाशर्मा,अवनिभारद्वाज,यथार्थशर्मातथाबनवारीकुमावतराजसहितअन्यप्रबुद्धश्रोतागणउपस्थितथे।

गौरतलबहैकिहैकि36वर्षीयडबलएमए,डबलनेटऔरडबलपीएचडीकरनेवालेहरियाणाकेशिक्षकआठवर्षतकदिल्लीविधानसभाकेसम्पादकीयविभागमेंअपनीसेवाएंदेचुकेहैंऔरविधानसभाकीकार्यवाहीकीमीडियाकवरेजपरउत्कृष्टशोधकार्यकरनेपरउन्हेंविधानसभासेप्रशस्तिपत्रभीमिलाहै।पूर्णत:ग्रामीणपरिवेशमेंपले-बढ़ेडॉ.भारद्वाजकीप्रथमरचनामात्रदसवर्षकीआयुमेंप्रकाशितहुईथी।इनकीसातपुस्तकें,समाचारशीर्षकोंकीभाषा,दार्शनिक¨चतनकीरूपरेखा,भारतऔरभारतीयता,विधानसभाऔरमीडिया,प्रेममेंडूबालड़का,निरालाकर्मयोगीऔरआकाशकीनोटबुकप्रकाशितहोचुकीहैं।लेखनप्रतियोगिताओंमेंइन्हेंराज्यतथाराष्ट्रीयपुरस्कारप्राप्तहोचुकेहैंऔर¨हदीअकादमी,दिल्लीसेनवोदितलेखकपुरस्कारसेसम्मानितकियाजाचुकाहै।