लंदन[प्रेट्र]।रोबोटबच्चोंकेविचारऔरउनकेनिर्णयलेनेकीक्षमताकोप्रभावितकरसकतेहैं।एकअध्ययनमेंयहबातसामनेआईहैकिवयस्कोंकीअपेक्षाबच्चेमशीनोंकेप्रतिअधिकसंवेदनशीलहोतेहैं।ब्रिटेनकीयूनिवर्सिटीऑफप्लाइमाउथकेशोधकर्ताओंनेअपनेअध्ययनमेंइसबातकापरीक्षणकियाकिमनुष्योंऔरबच्चोंकोउनकेसाथियोंऔररोबोटकेसाथएकसाटास्कदेनेपरवेकिसप्रकारप्रत्युत्तरदेतेहैं।इसमेंसामनेआयाकिवयस्कोंकेनिर्णयोंपरसबसेज्यादाप्रभावउनकेसाथियोंकापड़ताहैऔरअधिकतरसमयवेरोबोटसेपड़नेवालेप्रभावकोनकारतेहैं।

इसकेविपरीतसातसेनौसालकेबच्चेरोबोटकेअनुसारहीप्रतिक्रियादेतेहैं।भलेहीरोबोटकानिर्णयगलतहीक्योंनहो।इसनिष्कर्षपरपहुंचनेके लिएवैज्ञानिकोंने1950मेंविकसितकीगईएकतकनीककाप्रयोगकिया।इसमेंलोगोंकोस्क्रीनपरएकपैटर्नदिखाकरप्रश्नपूछेजातेहैं।जबलोगोंसेअकेलेमेंसवालकिएजातेहैंतोवेकोईगलतीनहींकरते।जबवेकिसीकेसाथहोंतोगलतियोंकीसंभावनाबढ़जातीहै।

बच्चेजबइसपरीक्षणकेदौरानअकेलेहोंतोउनकीसफलताकाप्रतिशत87रहताहै।यदिवेरोबोटकेसाथहोंतोयह75प्रतिशतरहजाताहै।शोधकर्ताओंकाकहनाहैकिवहदिनदूरनहींजबशिक्षाऔरमेडिकलमेंरोबोटकाहीप्रयोगकियाजाएगा।ऐसेमेंइसबातकीनिगरानीकीआवश्यकताहैकिजिससेबच्चोंपरहोनेपरसोशलरोबोटकेनकारात्मकप्रभावकोकमकियाजासके।

By Farrell