संतोषशुक्ल,मेरठ:धूलऔरधुआंजिदगीकोनिगलरहेहैं।एनसीआर-मेरठमेंप्रदूषितहवासेबड़ीसंख्यामेंमौतेंहोरहीहैं।वायुप्रदूषणसेनसिर्फसांसकीनलियांगलरहीहैं,बल्किदिलभीजवाबदेरहाहै।ग्लोबलबर्डेनडिसीजकीरिपोर्टबतातीहैकि12-15फीसदमौतेंवायुप्रदूषणकीवजहसेहुईहैं,वहींमरनेवालोंमें52फीसदकीउम्र70वर्षसेकमथी।

मेडिकलकालेजकेमेडिसिनविभागकेप्रोफेसरडा.अरविदकाकहनाहैकिऔद्योगिकक्षेत्रों,कंस्ट्रक्शनकारोबार,ईंटभट्ठोंएवंसुलगतेकूड़ाघरोंकेपासरहनेवालोंमेंसीओपीडी,अस्थमा,खांसी,दिलकेमरीज,लंग्सकैंसर,चर्मरोगएवंगलेमेंखराशकीज्यादासमस्याहै।सल्फरएवंनाइट्रोजनडाईआक्साइडकीमात्राबढ़नेसेसांसलेनेकेदौराननलिकामेंअम्लबननेसेश्वसनतंत्रऔरहार्टमेंगंभीरविकारआरहेहैं।शुगरएवंरक्तचापभीबढ़रहाहै।एलर्जीरोगविशेषज्ञडा.वीएनत्यागीनेबतायाकिधूलऔरधुएंकेसाथहजारोंहानिकारकबैक्टीरियाट्रैवलकरतेहैं।इससेसांसहीनहीं,बल्किस्ट्रोक,शुगरएवंआंखकीभीबीमारीबढ़रहीहै।दूषितहवासेइतनेबीमार

29.2फीसदमेंसीओपीडी

29.3फीसदमेंनिचलेश्वसनतंत्रकासंक्रमण

23.8फीसदमेंहृदयरोग

7.5फीसदमेंस्ट्रोक

1.8फीसदमेंलंग्सकैंसर

क्याकहतेहैंविशेषज्ञ

मेरठ-एनसीआरकी80फीसदआबादीप्रदूषितहवामेंसांसलेरहीहै।प्रतिएकलाखआबादीमेंप्रदूषणकीवजहसेसौसेज्यादालोगमररहेहैं।धूलकणएवंगैसकणसांसकीनलीमेंसूजनपैदाकरअस्थमा,स्ट्रोक,सीओपीडीवहृदयरोगबनारहेहैं।

डा.वीएनत्यागी,सांसवछातीरोगविशेषज्ञ

स्वास्थ्यमंत्रालयकी2018-19कीरिपोर्टमेंसाफहैकिवायुप्रदूषणसेहोनेवालीमौतोंमेंसे40फीसदसिर्फयूपी,वेस्टबंगालवमहाराष्ट्रमेंहुईं।धूलकणएवंरासायनिकधुआंहार्टकीएंडोथीलियलसेलकोडिस्टर्बकरअटैककीवजहबनतेहैं।सर्जिकलमास्कलगाकरनिकलें।धूलमेंबुजुर्गोंकोबाहरनजानेदें।

डा.संजीवसक्सेना,कार्डियोलोजिस्ट

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