बलरामपुर:33केवीएविद्युतउपकेंद्रबदहालहै।बिजलीआपूर्तिकरनेवालेफीडरजिसकार्यालयमेंरखेगएहैं,उसकेछतसेपानीटपकताहै।जिसेपॉलीथिनसेढककरबचायाजाताहै।प्रत्येकवर्षबारिशसेझेलनेकेबादभीविभागइसओरध्याननहींदेरहाहै।यहांकर्मचारियोंकेलिएआवासकीव्यवस्थानहीहै।एकअवरअभियंतासहितछहआवासनिर्मितहै।जोजर्जरहोचुकेहैं।जिनमेंरहनाखतरेसेखालीनहींहै।बरसातकेदिनोंमेंआवासकेचारोंओरपानीभरजाताहै।आवासकीछतोंसेपानीटपकताहै।अवरअभियंताग्रामीणसंतोषकाकहनाहैकिकमसेकमयहां12से15आवासकीजरूरतहै।जबकिएकभीआवासयहांरहनेलायकनहींहै।बिजलीउपकरणरखनेवालातोस्टोररूमकीहालतऔरभीखराबहै।चारोंओरसेझाड़ियोंसेघिराहुआहै।पूरामकानजर्जरहै।बिजलीकर्मचारियोंकोअलगरहनेकीविवशताहै।जबकिएसडीओवअवरअभियंताबलरामपुरमेंनिवासकरतेहैं।यदिरातमेंबिजलीमेंकोईफाल्टआजातीहैतोसुबहतककाइंतजारकरनापड़ताहै।किसीभीकर्मचारीकेयहांपरनिवासनहोनेकेकारणरातमेंखराबहुईबिजलीसहीकरनेवालाकोईनहींहोताहै।इससेलोगोंकोसमस्याओंकासामनाकरनापड़ताहै।एसडीओविमलेंद्रश्रीवास्तवकाकहनाहैकिमामलेसेउच्चाधिकारियोंकोअवगतकरायाजाचुकाहै।