नईदिल्ली,जागरणसंवाददाता।शिक्षाहरएकव्यक्तिकाअधिकारहै।अगरकोईपढ़नाचाहताहैतोउसेपढ़नेकाअवसरजरूरमिलनाचाहिए।इसीसोचसेसोनियाविहारमेंरहनेवाली34वर्षीयस्नेहसुधा(मिली)जरूरतमंदबच्चोंकोशिक्षाकापाठपढ़ारहीहैं।सोनियाविहारपांचवेपुश्तेकेपासयमुनाखादरस्थितझुग्गीबस्तीमेंरहनेवालेजरूरतमंदबच्चोंकोमिलीपिछलेएकवर्षसेनिश्शुल्कशिक्षादेरहीहैं।पढ़ानेकेसाथहीउन्होंनेइनसभीबच्चोंकेजीवनकोसंवारनेकाभीप्रणलियाहै।जिसकेलिएमिलीकोउत्तरपूर्वीजिलाधिकारीगीतिकाशर्माद्वाराअंतरराष्ट्रीयमहिलादिवसपरसम्मानितभीकियाजाएगा।जिलाधिकारीकार्यालयद्वाराउनकेकार्योंपरएकडोक्यूमेंट्रीभीतैयारकीजारहीहै।

बचपनसेहीपढ़नेऔरपढ़ानेकाशौक

मिलीनेबतायाकिउन्हेंबचपनसेहीपढ़नेऔरपढ़ानेकाशौकरहाहै।जबवहआठवींकक्षामेंथींतोउन्होंनेअपनेघरकेआसपासरहनेवालेखुदसेछोटीकक्षाकेबच्चोंकोपढ़ानाशुरूकिया।12वींकक्षातकउन्होंनेबिनाकोईफीसलिएउनबच्चोंकोपढ़ाया।

शादीकेबादभीजीवितरहाशौक

12वींकक्षापासकरतेहीउनकेघरवालोंनेउनकीशादीकरादी,लेकिनउनकेपढ़नेपढ़ानेकाशौकतबभीउनकेअंदरजीवितथा।इसबातकोउनकेपतिनेसमझाऔरउन्हेंआगेपढ़नेकेलिएप्रेरितकिया।शादीकेबादएकवर्षकेअंतरालकेबादउन्होंनेदिल्लीविश्वविद्यालयकेओपनस्कूलमेंदाखिलालियाऔरवहींसेअपनीस्नातककीपढ़ाईपूरीकी।इसकेसाथहीस्कूलवस्नातककेछात्रोंकोपढ़ानाभीशुरूकिया।वहजरूरतमंदछात्रोंसेकोईफीसनहींलेतीहैं।स्नातककेबादउन्होंनेकंप्यूटरसीखाऔरवहभीजरूरतमंदबच्चोंकोनिश्शुल्कसिखाया।

35बच्चोंकेजीवनकोशिक्षादेकरकररहीरोशन

मिलीनेबतायाकिकोरोनाकालमेंउन्होंनेघरसेबाहरनिकलकरजरूरतमंदलोगोंसेमुलाकातकरउनकीमददकी।वहयमुनाखादरकीबस्तियोंमेंभीगई,वहांउन्होंनेलोगोंकोराशनऔरकपड़ेवितरितकिए।तभीउन्होंनेदेखाकिवहांकईऐसेबच्चेहैंजोपढ़नाचाहतेहैंलेकिनउन्हेंकोईपढ़ानेवालाहीनहींहै।उनकेमाता-पितासेबातकरकेमिलीनेउनकीपढ़ाईकीजिम्मेदारीली।उनकेपासशुरूमेंकेवलचारबच्चेहीपढ़नेआतेथे,कुछहीदिनोंमेंउनबच्चोंकोदेखकरऔरभीबच्चेआनेलगे।अबउनकेपास35बच्चेपढ़तेहैं।उन्होंनेबच्चोंकोपढ़नेकेलिएकापीवकिताबेंभीउपलब्धकरवाई।पिछलेएकवर्षसेवहरोजानादोघंटेकासमयनिकालकरइनबच्चोंकोयमुनाखादरमेंपढ़ानेजारहीहैं।मिलीनेबतायाकिउनकेपतिभीएकशिक्षकहैं,इसलिएवहभीहमेशाउन्हेंबच्चोंकोपढ़ानेकेलिएप्रोत्साहितकियाऔरअबजबतकउनकाशरीरसाथदेगा,तबतकवहइनबच्चोंकोपढ़ाएंगी।

By Evans