जेएनएन,बिजनौर:वर्तमानमेंलोगअपनेस्वास्थ्यकेप्रतिबेहदलापरवाहहोगएहैं।पैसेकीअंधीदौड़मेंलोगसरपटभागरहेहैं,उन्हेंनतोअपनीऔरनहीस्वास्थ्यकीचिताहै।रोटीखानेकासमयनहींहोनेकेकारणबाजारमेंफास्टफूडसेपेटभरकरसेहतखराबकररहेहैं।भागमभागभरीजिदगीमेंउन्हेंअपनेशरीरकेलिएसमयनहींहै।कुछसमयशरीरकेलिएदियाजाएतोयोगरूपीअग्निमेंशरीरकेसमस्तरोगभस्महोसकतेहैं।

योगसत्यतासेसाक्षात्कारकरनाहै।शारीरिकहोयामानसिक,सभीप्रकारकीबीमारियांयोगकेजरिएठीककीजासकतीहैं।इससत्यकोजानेबिनामनुष्यअपनेशरीरमेंआईबीमारियोंकोढोतारहताहै।जबरोगबढ़ताहैतोचारपाईपकड़नामजबूरीबनजाताहै।हजारोंरुपयेदवामेंखर्चहोताहै,लेकिनवहपूरीतरहठीकहोजाएगा,इसकीभीकोईगारंटीनहींहै।

शरीरकोतोड़ना-मरोड़नाहीयोगनहीं

पिछले20सालोंसेअधिकसमयसेयोगसेजुड़ेऔरकरीब15वर्षोंसेस्कूल,कालेजोंमेंशिविरलगाकरएवंअधिकारियोंकोयोगाभ्यासकरानेवालेयोगगुरुचंद्रपालउर्फचंद्रदेवकाकहनाहैकिशरीरकोतोड़नायामरोड़नाहीयोगनहींहै।औरनहीतेजसांसलेनाऔरछोड़नाहीप्राणायामहै।योगकेबिनाशरीरमेंआईबीमारियोंकोदूरनहींकियाजासकता।योगकरनेसेमनुष्यकोहितअनहितकाज्ञानहोजाताहै।नियमितरूपसेकरेंसूर्यनमस्कार

योगगुरुचंद्रपालबतातेहैंकिमनुष्यकोप्रतिदिनकुछसमयअपनेशरीरकेलिएभीदेनाचाहिए।नित्यसूर्यनमस्कारकरनेसेशरीरकेसभीरोगोंकानाशहोताहै।इसकेअलावापाचनतंत्रदुरुस्तरखनेकेलिएवज्रासन,शुगरठीकरखनेकेलिएमंडूकासन,कमरदर्दकेलिएभुजंगासन,साईटिकाकेलिएशलभासन,मूत्रविकारकेलिएगौमुखासन,पेटकीचर्बीकमकरनेकेलिएहलासन,गैसकेलिएपवनामुक्तासन,घुटनोंकेदर्दकेलिएपदमासन,लंबाईबढ़ानेकेलिएताड़ासनलाभप्रदरहतेहैं,जबकिशरीरकोसंतुलितमात्रामेंआक्सीजनमिलेइसकेलिएनित्यप्राणायामकरनाजरूरीहै।उन्होंनेबतायाकिइसकेअलावापेटकमकरनेकेलिएकपालभाती,नेत्रविकार,सांस्,अस्थमाएवंअन्यसांससंबंधीरोगोंकेलिएअनुलोमविलोम,थायराइड,टांसिल,खर्राटेआदिगलेसेसंबंधीरोगोंकेलिएउज्जयीप्राणायाम,आंतोंमेंजमामलनिकालनेकेलिएअग्निसारप्राणायामकरानालाभदायकरहताहै।उन्होंनेबतायाकिअग्निसारआसानसेदोनोंआंतोंकासंकुचनहोताहैतथापाचनतंत्रसु²ढबनताहै।नियमितरूपसेयोगकरेंस्वस्थरहें।

By Evans