बैंगन भरत कैसे बनएं

मैं ब्राह्मण परिवार में पला-बढ़ा हूं। हमारे पिता जी हमें सुबह-सुबह चार बजे ब्रह्म मुहूर्त में उठा देते थे। हमें वो आदत पड़ गई है। आज भी हम सुबह-सुबह उठ जाते हैं कि भगवान जाग गए हैं। तब तो हमें कुछ समझ में नहीं आता था, लेकिन बाद में समझ में आया कि ब्रह्म मुहूर्त होता क्या है। हम सबके अंदर भगवान राम और ईश्वर की शक्तियां हैं। हमारा मन और शरीर एक मंदिर है, उसको जागृत करने की आवश्यकता होती है। उसके लिए निस्वार्थ समाजसेवा करनी पड़ती है। जब आप दूसरे का हित देखते हैं, तो आपके अंदर के राम जागते हैं। जब आप देखते हैं कि देश तरक्की कर रहा है तो उसे देखकर हम प्रसन्न होते हैं, तब अंदर के राम जागते हैं।

अदालत ने पूछा-तेजाब पीड़िता को मुआवजे का निर्

Sep 03, 2022 Duncan

नयीदिल्ली,13मई(भाषा)दिल्लीउच्चन्यायालयनेसोमवारकोयहांराज्यविधिकसेवाप्राधिकरण,डीएसएलएसएसेपूछाकिवहतेजाबपीड़ितोंकोदिएजानेवाल