भरत में सुअर पलने वले संस्थन

शुक्रवार को कलक्ट्रेट में हुई बैठक में जिलाधिकारी सी. रविशंकर और मुख्य विकास अधिकारी विनीत तोमर ने आयोग की तरफ से उठाए गए मुद्दों का निराकरण किया। अध्यक्ष ने समस्त नगर निकायों और पंचायतों में सफाई कर्मचारियों के सृजित स्थायी और अस्थायी पदों के सापेक्ष भरे और रिक्त पदों की जानकारी ली। बताया गया कि नगर निगम हरिद्वार में कुल 502 पद हैं। इनमें 353 स्थायी, 138 संविदा और 11 मृतक आश्रित पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। नगर पालिका शिवालिक नगर में 65, लक्सर पालिका में 10 में नौ कार्यरत एक पद रिक्त, मंगलौर 105 पदों में से 39 पद भरे और 66 रिक्त हैं। भगवानपुर में 38 पद हैं। सभी पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से कर्मी रखे गए हैं। कलियर नगर पंचायत के 38 पदों में सभी आउटसोर्स के माध्यम से भरे गए हैं। इस दौरान कर्मचारियों के वेतन आदि की भी जानकारी ली। शिवालिक नगर के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि पालिका में वेतन की समस्या बनी हुई है। कर्मचारियों के पेंशन, वर्दी, बीमा की समस्या भी यूनियनों ने उठायी। नगर निगम हरिद्वार ने बताया कि उनके सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन भत्तों के लिए राज्य सरकार से धनराशि प्राप्त हो गई है। शीघ्र ही इन भत्तों का भुगतान कर दिया जाएगा। कोरोना के दौरान फ्रंट लाइन कर्मी के रूप में काम करते हुए सफाई कर्मियों की मृत्यु का मामला भी यूनियनों ने उठाया। जिलाधिकारी ने संबंधित क्षेत्रों के उपजिलाधिकारी को मृत्यु के कारणों की जांच सौंपी। यदि निकायों की ओर से कोई लापरवाही सामने आएगी तो कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी निगमों में शिविर लगाकर सफाई कर्मचारियों का बीमा अनिवार्य रूप से किए जाने के निर्देश निकाय अधिकारियों और लीड बैंक मैनेजर को दिए। सिर पर मैला ढोने वाले स्वच्छकारों की संख्या एवं पुनर्वास की स्थिति की समीक्षा भी की। जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से उनके पुनर्वास के लिए चलाई गई वैकल्पिक व्यवस्था अनुदान योजना के बारे में जानकारी दी गई। आयोग ने प्रशासन तथा यूनियनों से इस प्रकार के मामले को गंभीरता से लेते हुए सिर पर मैला ढोने वाले कर्मचारियों के दोबारा सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए। सीवर में कार्य के दौरान हुई मृत्यु की घटनाओं पर मुआवजा और कितने संस्थानों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज हुई इसकी जानकारी पुलिस विभाग से ली गई। बैठक में सुरेंद्र तेश्वर, राजेंद्र श्रमिक, राजेश छाछर, सुनील राजौर, प्रिस लोहाट, राजकुमार खोबे, आनंद कामरा, आत्माराम बेनीवाल, अमर कुमार, आयोग सदस्य पूनम वाल्मीकि, जयपाल वाल्मीकि, विपिन चंद्रन आदि मौजूद रहे।