हल इन हर्ट ट्रटमेंट

नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) में दशकों नौकरी करते हुए पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाते रहे वैज्ञानिक-अधिकारी सेवानिवृत्ति के बाद अब धरती बचाने के यज्ञ में अपनी दूसरी पारी की आहुति दे रहे हैं। फर्क बस यही है कि पहले सरकारी बंदिशें उनके हाथ बांध देती थीं, जबकि अब वे अपने अनुभव और ज्ञान का खुलकर इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले उन्हें इस कार्य के लिए सरकार से मोटी तनख्वाह मिलती थी, जबकि अब खुद की जेब से पैसे खर्च कर वे पर्यावरण बचाने के काम में जुटे हैं। सीपीसीबी से सेवानिवृत्त 75 वैज्ञानिक और अधिकारी सीपीसीबी एलुमनाई एसोसिएशन के बैनर तले पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। जेब से ढाई-ढाई हजार रुपये सालाना सदस्यता शुल्क देकर ये लोग बीच-बीच में बैठकें और वेबिनार आयोजित कर पर्यावरण से जुड़े मुद्दे उठाते हैं और उनपर सुझाव एवं आपत्तियों सहित एक सटीक विश्लेषण सरकार सहित संबंधित विभागों को भेजते हैं।

होली हर्ट स्कूल के खिलाडि़यों ने जीते गोल्ड म

Nov 01, 2022 Faulkner

जागरणसंवाददाता,जींद:न्यूआदर्शसीनियरसेकेंडरीस्कूलउचानामेंसातवींजिलास्तरीयवुशूप्रतियोगिताहुई।जिसमेंहोलीहर्टस्कूलके13खिलाड़ि