कंप्यूटर अनुदेशक भर्त

शुक्रवार को होली उत्सव में श्रीश्री ने कहा कि इस जन्म से पहले हम ओंकार में थे। इस जन्म के बाद हम इसी में विलीन होने वाले हैं। शरीर पृथ्वी तत्व से बना है, इसी में मिल जाना है। ओम के अभ्यास के दौरान उन्होंने पंचतत्वों का अहसास कराया। कहा कि ब्रज भूमि तो अवतार भूमि है। इसलिए हमारी जिम्मेदारी है कि इसे और भी बेहतर बनाएं। उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने और दहेज प्रथा के खात्मे के लिए अनुयायियों से संकल्पित होने का आह्वान किया।