मुरमुर नमकन बनने क वध

आयोजित गोष्ठी में जिलाधिकारी ने कहा कि उन्हें बाल्यकाल के दौरान वर्ण भेद का सामाजिक दंश झेलना पड़ा, जो किसी व्यक्ति को सामाजिक कुरीतियों के कारण दिल पर आघात करने वाली बात होती है। बाबा साहब लंदन गए तो उन्हें विदेश में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला और उन्होंने ऐसे समाज को देखा, जिसमें कोई वर्ण भेद नहीं था। उन्होंने संकल्प लिया कि ऐसी व्यवस्था से ही देश का विकास हो सकता है।

महालक्ष्मी के व्रत पर लोगों ने अपने बच्चों के

Sep 23, 2022 Duncan

कमलकोहली,अमृतसरसातअक्टूबरसे16अक्टूबरतकचलनेवालेश्रीलंगूरमेलेकेलिएमंगलवारकोकईपरिवारोंनेअपनेबच्चोंकेलिएलंगूरबननेवालेवस्त्रल